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जैकलीन की न्यू रिलीज नेटफ्लिक्स फिल्म पर क्या कह रहे है फिल्म समीक्षक जानिए फिल्म मिसेज सीरियल किलर रिव्यु में।




बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की मूवी मिसेज सीरियल किलर की अनाउंसमेंट के साथ ही उनके बोल्ड लुक और फिल्म की इंट्रेस्टिंग स्टोरी के लिए उनके प्रसंसको में भारी उत्साह देखने को मिला था। जैकलीन की ये मूवी एक नेटफ्लिक्स सीरीज की फिल्म है जिसका वेट ऑडियंस एक लॉन्ग पीरियड से कर रही थी। लेकिन अब इसके रिलीज होने पर, लोग यकीन नहीं कर पा रहे है। बॉलीवुड की इस तरह की मिस्ट्री थ्रिलर फिल्मों में तापसी पन्नू अभिनीत बदला, विद्या बालन की फिल्म कहानी, उर्मिला मातोंडकर अभिनीत कौन, रानी मुखर्जी की हाल ही में आयी फिल्म मर्दानी 2 जैसे नाम याद आते हैं। फिर नेटफ्लिक्स पर एक ऐसी फिल्म आ जाती है। जिसकी वजह से कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौर से गुजर रहे लोगो को और भी अधिक परेशान कर देती है। जी हाँ अभिनेत्री जैकलीन की मिसेज सीरियल किलर ही वह फिल्म है। जैकलीन की ये नेटफ्लिक्स सीरीज की फिल्म की स्क्रिप्ट शिरीष कुंदर ने स्वयं लिखी है, इसका डायरेक्शन, क्रिएशन के साथ साथ म्यूजिक भी उन्होंने अपने आप ही दिया है। यानि कि शिरीष खुद ही वन मैन आर्मी बनना चाह रहे थे और उनका ये कॉन्फिडेंस और महत्वकांशा उनको ले डूबी! तो जैकलीन की इस फिल्म की कहानी कुछ इस प्रकार है कि शहर के एक लोकप्रिय गायनोलॉजिस्ट को सीरियल किलिंग के क्राइम में पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया जाता है। इस सिचुएशन में उसकी वाइफ अपने निर्दोष पति को डिफेंड करती है। फिल्म में दिखाया गया है कि एक वाइफ अपने हस्बेंड का साथ देने और उसकी बेगुनाही साबित करने के लिए सब कुछ कर सकती है। बॉलीवुड की ब्यूटीफुल एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने इस फिल्म में सोना नाम की लड़की की भूमिका को निभाया है, जिसके पति डॉक्टर मृत्युंजॉय मुखर्जी का किरदार मनोज बाजपेयी ने निभाया है। मृत्युंजॉय उर्फ जॉय एक बड़ा मैटरनिटी होम चलाते हैं और उनकी वाइफ सोना को एक पुलिस वाला इमरान शाहिद (मोहित रैना) बहुत तंग कर हैं। जिसका कारण है इमरान और सोना का एक पास्ट सीक्रेट, जो कोई नहीं जानता। सोना को परेशान करने के लिए इमरान, जॉय को जेल भेजने की शाजिश में लगा हुआ है। इमरान की वो कोशिस सक्सेसफुल भी हो जाती है किन्तु फिर स्टोरी में एक ऐसा ट्विस्ट आ जाता है कि सभी भौंचक्के रह जाते हैं।

हालाँकि इसके आलावा भी मूवी में कई हैरान करने वाली बातें हैं। जैसे कि जैकलीन फर्नांडिस जैसी एक्सपेरियंसड एक्ट्रेस इतने अच्छे सेटअप पर इतना खराब सीन कैसे परफॉर्म कर सकती हैं। समीक्षकों का मानना है कि इस फिल्म को मनोज बाजपेयी करने के लिए येस कैसे बोल सकते है। मूवी में मोहित रैना के किरदार को सडेनली ये क्या हो जाता है? साथ ही साथ और भी काफी कुछ इस फिल्म में उलट पुलट हो रखा है। लेकिन यदि कुल मिलकर कलाकारों के प्रदर्शन का जिक्र किया जाए तो जैकलीन फर्नांडीज की डायलॉग डिलीवरी अभी भी काफी कमजोर है। इस मामले में वह अपने करियर के स्टार्टिंग डेज की तरह ही काफी वीक दिखी है। फिल्म में उनकी एक्टिंग काफी निराशाजनक है इस फिल्म में जैकलीन के केवल दो पॉजिटिव पॉइंट्स दिखाई दिए है एक तो उनकी चीखें अच्छी निकली हैं दूसरा वह देखने में काफी खूबसूरत लग रही हैं। 
 
पहले भी जैकलीन फर्नांडीज नेटफ्लिक्स की ही एक और मूवी ड्राइव में भी काम कर चुकी है। फिल्म समीक्षको का मानना है  इस तरह की बिलकुल बकवास फिल्में करके जैकलीन अपने करियर को क्यों और अधिक चैलेंजिंग बनाती जा रही हैं, ये बात समझ से बिलकुल परे है।इसी प्रकार मनोज बाजपेयी जो कि एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं। इस मूवी में भी उन्होंने अपने अभिनय में किसी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ी। मनोज की एक्टिंग फिल्म में काबिले तारीफ है किन्तु एक अभिनेता पूरी फिल्म को तो नहीं बचा सकता। फिल्म में मनोज के किरदार में लेयर्स थीं, जिनको यदि धीरे धीरे, एक-एक करके दिखाया जाता तो फिल्म का नेट रिजल्ट कुछ और होता। इसी तरह इमरान शाहिद की भूमिका को भी मोहित रैना ने बखूबी निभाया है। किन्तु वो भी इस मूवी को बचा पाने में नाकामयाब रहे। मूवी के एन्ड तक अपनी परफॉर्मेंस को मोहित हैंडल नहीं कर पाए। 
 
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस मूवी के डायरेक्शन से लेकर म्यूजिक और अन्य सभी फॉल्ट्स के लिए एक ही व्यक्ति रिस्पॉसिबल है और वह हैं स्वयं शिरीष कुंदर। शिरीष कुंदर इससे पहले बॉलीवुड में फिल्म जान-ए-मन और जोकर (अक्षय कुमार) बना चुके हैं। ये दोनों मूवीज भी थेटर्स में कुछ खास ज्यादा अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकी थी। इसके बाद से ही ऑडियंस शिरीष कुंदर को लेकर कोई ख़ास अधिक उम्मीद नहीं करती किन्तु अगर कोई डायरेक्टर अच्छी मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म का आईडिया लेकर ऑडियंस के सामने आता है तो उससे एक्सपेक्टेशंस काफी बढ़ जाती है। 

शिरीष कुंदर से मिसेज सीरियल किलर जैसी फिल्म के लिए ज्यादा एक्सपेक्ट करना ही थ्रिलर मूवी लवर्स की मिस्टेक है।  मूवी की स्क्रिप्ट बहुत ज्यादा वीक है। शिरीष फिल्म के करेक्टर्स को सही से परजेंट नहीं कर पाए है। जैकलीन को फिल्म में एक टीचर दिखाया गया हैं, लेकिन वो किस सब्जेक्ट की टीचर है, कहां पढ़ाती हैं, अभी भी पढ़ा रही है या नहीं ये सब करेक्टर से जुडी बेसिक इनफार्मेशन नहीं दी गयी। मनोज बाजपेयी के लिए एक मजबूत बैकस्टोरी का आईडिया है किन्तु उसको फिल्म में दिखाने की कोई ख़ास जरूरत नहीं थी। इस तरह की कई छोटी छोटी चीजें इस मूवी को बहुत ज्यादा डाउन साइज कर रही हैं। 
 
शिरीष के निर्देशन ने पूरी तरह निराश किया है और डायलॉग्स तो ऐसा लगता है जैसे कि किसी क्राइम पेट्रोल के राइटर से लिखवाए गए हैं। क्योंकि बहुत इंटेंस सीन में भी यदि ऑडियंस को हंसी आ जाए तो या तो, कलाकारों ने बुरी एक्टिंग की है या फिर डायलॉगस बहुत ही बुरे है, कमाल की बात है कि यहां पर ये दोनों ही चीजे दर्शको को देखने को मिलेंगी। जिसका एक उदाहरण है, मनोज बाजपेयी के किरदार को सोना (जैकलीन) जब जॉय कहकर बुलाती हैं। तो उसको गुस्सा आ जाता हैं और वह कहता हैं- 'तुम मुझे जॉय जॉय क्यों बुलाती रहती हो, मैं क्या कोई आइसक्रीम हूं?'
 
हालाँकि फिल्म की सिनेमेटोग्राफी ठीक ठाक है। फिल्म में दिखायी गयी लोकेशंस काफी खूबसूरत है। वैसे तो जिन सीन्स को परफॉर्म करने के लिए सेट्स डिज़ाइन किए गए हैं। वह कोई भी देखते ही समझ जाएगा। म्यूजिक के बारें में यदि बात की जाए तो ऐसा बकवास म्यूजिक बहुत ही कम फिल्मों में देखने को मिलता है। बैकग्राउंड स्कोर की हालत तो उससे भी अधिक बुरी है। इसलिए यदि कोई अपना वीकेंड, लॉकडाउन में मुश्किल से व्यतीत कर पा रहा है तो मिसेज सीरियल किलर को देखने के बाद उसकी परेशानी और भी बढ़ सकती है। 







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