♥ Love Shayari ♥

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कुछ यूँ हो रहा अब , 
रिश्तों का विस्तार...!! 

जितना जिस से मतलब, 
उतना उस से प्यार...!! 

दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है,
होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है,
ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है,
इसलिए  हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है!

दुआ का रंग नहीं होता

मगर ये रंग लाती जरूर है

वफ़ा सबको मिली दुनिया 
          में हमारे सिवा
 हमें जब भी प्यार हुआ बेकदरों
                 से हुआ

तमन्नाओ से खेल रहा है दिल,,,,,
जीत मुमकिन नही,,,,,
और हार मंजूर नही,....

कब उनकी पलकों से इज़हार होगा,
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,
गुज़र रही है हर रात उनकी याद में,
कभी तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा।

मयखाने चाहे लाख बंद कर दें ये जमाने वाले...      

फिर भी हज़ारों हैं यहाँ आँखो से पिलाने वाले!!

एक ख्याल ही तो हूँ मैं...याद रह जाऊँ...तो याद रखना...!
वरना सौ बहाने मिलेंगे...भूल जाना मुझे...!!!

उनका भी जाना देखा है.... 

जान जाती थी जिनके जाने से!!!

जख्म हैं कि दिखते नहीं..!!
मगर ये मत समझिये कि दुखते नहीं..!!!

मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला ……
हम खोजते रहे मगर ठिकाना न मिला …………..
लो आज फिर चली गई जिंदगी नजरो के सामने से ……
और उसे कोई रुकने का बहाना न मिला ……………………….

जिन लोगो ने तुम्हे अपना बना कर छोड़ दिया ,

उन लोगो को धन्यवाद दो ,

क्यूंकि उन लोगो ने तुमको ये एहसास दिलाया ,

की हर चीज अपनी नहीं होती ……!!

कोई मिला नहीं तुम जैसा आज तक,...

पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नही..!!

जिस कदर रफ़्तार से यूँ, तू चल रही है ना जिंदगी.... 

गर सच कहूँ तो एक चालान , बनता है तेरी भी!!! 

हिचकियां मेरी गवाह हैं

नींद उसकी भी तबाह है

जिंदगी है जनाब..... 

  उलझोगे नहीं.... 
           तो सुलझोगे कैसे...

  और बिखरोगे नहीं.... 
            तो निखरोगे कैसे....

याद आते है तो ज़रा खो लेते हैं...

आँसू आँखो मे उतर आऐ तो ज़रा रो लेते हैं

नींद आँखो मे आती नहीं लेकीन..

आप ख्वाबो में आऐं यही सोच कर सो लेते हैं

सब सुख दुःख निज कर्म से उपजै
ईश्वर को देते दोष, मानव कभी ना समझै

मीठे का शौक इसलिए भी रखते हैं , ज़िन्दगी की हकीकतें कड़वी बहुत होती है

एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो...
ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुज़र गई..!

दोषी तुम ही नहीं हो पूरी तरह से
तेरे गुनाह में रजामंदी मेरी भी थी

चुप चाप रहती है वो 
कुछ कहती भी नही
जिसके लिए लिखता हूँ मैं, 
पता नही वो पढ़ती भी है या नही....??

तेरे बिना जीना सीख रहे हैं मगर

तेरी यादें दिल से नही जाती
तेरी यादों को जितना  है भूलाते
उससे ज्यादा हैं आती

कोशिश इतनी है कोई रूठे ना हम से__,

नजर अंदाज करने वालो से नजर हम भी नही मिलाते ___,

किसी ने हमसे कहा की इश्क़ धीमा ज़हर है,

हमने मुस्कुरा के कहा हमें भी जल्दी नहीं है...

एक और जख़्म उभरेगा एक.. याद और ताज़ा होगी
आज फिर इतवार है....
बड़ी फुरसत से मिलेंगे दर्द
कुछ लंबी ये मुलाकात होगी...!!

हमें _उस _जगह ..से ..भी.." मोहब्बत" हो _जाती _है...
जहाँ_ बैठकर _"एकबार" तुम्हें.. सोच ..लेते ..है..

ज़िन्दगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर

या फिर.

तू मुझे तराशने की कोशिश में है

मेरे बाद भी बारिशों को शिकायतें ना हो तुमसे.....

तुम यूँ ही भीगने की ख्वाहिशें रखना...

सफ़र आख़िरी है के हम फ़िर ना मिलेंगे,
ये ग़म, ये उदासियाँ, नाज़ ओ नख़रे
भुला के आ सको तो आ जाना,

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