♥ Love Shayari ♥

View All

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की,

हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की।

शायरी भी एक खेल है
शतरंज का...
जिसमे लफ़्ज़ों के मोहरे
मात दिया करते हैं एहसासों को...

बहुत आएँगे तुम्हारी जिन्दगी 
मे दिलचस्प लोग,

पर भुला ना पाओगे हमारे 
साथ गुजरे हुए दो पल..

कोई हुनर , कोई राज , कोई राह , कोई तो तरीका बताओ....

दिल टूटे भी न, साथ छूटे भी न , कोई रूठे भी न , और ज़िन्दगी गुजर जाए।

बहुत ही ऊंचा कलाकार हूँ मैं, जिंदगी के रंगमंच  का.......साहब..

मजाल है......देखने वालों को मेरा दर्द दिख जाए..!!

सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती,
तो माली सारे ‘शहर’ का महबूब बन जाता…

सुना है हर बात का जवाब रखते हो तुम...

क्या ..तन्हाई ...का भी इलाज रखते हो तुम.......,

मिल जाएगा हमे भी कोई टूट के चाहने वाला,

अब शहर का शहर तो बेवफा नही हो सकता...!!!

अंजाम की परवाह होती तो,
हम मोहब्बत करना छोड़ देते,
मोहब्बत में तो जिद्द होती है,
और जिद्द के बड़े पक्के हैं हम।

मोहब्बत किससे कब हो जाए अंदाजा नहीं होता,

ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता

तेरे पास जो है..
उस की क़द्र कर,
यहां आसमां के पास भी,
खुद की जमीं नहीं है...

हवाओं की भी अपनी अजब सियासतें हैं साहब। 

कहीं बुझी राख भड़का दे तो कहीं जलते चिराग बुझा दे।।

होंठों पर तेरा नाम आए....
तो राहत सी मिलती है,
तू तसल्ली है...
दिलासा है...
दुआ है...
न जाने क्या-क्या है ??

क्या बेचकर हम खरीदे "फुर्सत ऐ "जिंदगी 

सब कुछ तो "गिरवी"पड़ा है जिम्मेदारी के बाजार में

एक सुकून सा मिलता है….तुझे सोचने से भी….
फिर कैसे कह दूँ…मेरा इश्क़ बेवजह सा है.

जिंदगी है जनाब..... 

  उलझोगे नहीं.... 
           तो सुलझोगे कैसे...

  और बिखरोगे नहीं.... 
            तो निखरोगे कैसे....

क्यों यह हुस्न वाले इतने मिज़ाज़ -ऐ -गरूर होते है

इश्क़ का लेते है इम्तिहान और

खुद तालीम -ऐ -जदीद होते है

अगर तुमसे कोई पूछे बताओ ज़िन्दगी क्या है,
हथेली पर जरा सी राख़ रखना और उड़ा देना।

बातों कें ज़ख्म बड़े गहरे होते हैं दोस्त,
क़त्ल भी हो जाते हैं और खंजर भी नही दिखते..!!

इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए,
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए,
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था,
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए.

जलो तो ऐसे किसी को उजाले मिल जाएँ
यूँ खा़म खाँ सीने में दिल ना जलाया कर।।

जान निकल जाती है उस वक्त
जब यार अपना हो और जिक्र गैरों का करें

तेरी चुप्पी अगर तेरी कोई मज़बूरी है;

तो रहने दे इश्क़ कौन सा ज़रूरी है।..

एक परवाह ही बताती है कि ख़्याल कितना है....
वरना कोई तराजू नहीं होता रिश्तो में!!!!!!!

मुझे इस कागज की कश्ती पे भरोंसा ही इतना है,
कि तूफ़ान में भी गहरे पानी से डर नहीं लगता !!

आज बस..
तू सामने बैठ,
मुझे तेरा दिदार करने दे..!!
बातें तो हम खुद से भी कर लेंगे..!!

यूं हमें बेवफा न कहिए..
हमने आपकी महोब्बत के लिए..
किसी की महोब्बत को बड़ी बेदर्दी से ठुकराया है..

हमें कोई ना 
पहचान पाया करीब से,

कुछ अंधे थे...
कुछ अंधेरों में थे...

कठपुतली के दर्द को..भला किसने जाना है.

डोर नचाती है,....खुश होता जमाना है.....

याद रखना भी, हिम्मत का काम है;

क्यूँकी भूल जाना तो, आजकल आम है!

Prev 1   2   3   4   5   Next >>