♥ Love Shayari ♥

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तमीज़दार होने का एक नुकसान यह भी है.....

कितनी ही बातें दिल के अन्दर रह जाती है!!

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा , 
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा ,
जाने क्या बात थी उसमें और मुझ में,
सारी महफ़िल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा |

आपकी किस्मत आपको मौका देगी मगर.,

आपकी मेहनत सबको चौंका देगी..

अक्सर वही दीए, हाथों को जला देते है..
जिसको हम हवा से बचा रहे होते है..!!

शायद फिर वो तक़दीर मिल जाये
जीवन के वो हसीं पल मिल जाये
चल फिर से बैठें वो क्लास कि लास्ट बैंच पे
शायद फिर से वो पुराने दोस्त मिल जाएँ ।

नब्ज टटोलते ही हकीमों ने कहा,

साहब, इसने तो इश्क़ पी रखा है।

कहॉ मिलता है,... कभी कोई समझने वाला,

जो भी   मिलता है ....समझा के चला जाता है|

हाकिमे वक़्त ने ये कैसा हिंदोस्तान कर दिया, 
बेजान इमारतों को भी हिन्दू-मुसलमान कर दिया...

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है..

मौका मिलेगा तो हम बता देंगे

तुझे कितना प्यार करते हैं

दर्द हल्का है... 
साँस भारी है, 

जिए जाने की... 
रस्म जारी है!!! 

किसी को पुरखों की ज़मीने बेचकर भी चैन नहीं, 
और कोई गुब्बारे बेचकर ही सो गया सुकुन से !!

कितनों की बातें बेमतलब सी... 

किसी की खामोशी भी कहर सी!!

कुछ लोग अच्छी जगह की तलाश करते हैं
और 
कुछ लोग जहाँ जातें है उस जगह को ही अच्छी जगह बना  देते है

खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर...
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर...
दर्द हीरा है, दर्द मोती है,
दर्द आँखों से मत बहाया कर...
काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों में मुस्कुराया कर...
धूप मायूस लौट जाती है,
छत पे किसी बहाने आया कर...
कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर...

लोगों के पास बहुत कुछ है.. मगर मुश्किल यहीं है की, भरोसे पे शक है और अपने शक पे भरोसा है।

मुमकिन नही....
हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी ....
कुछ "लम्हे"....
जीने का तजुर्बा भी सिखाते है....

उनके जैसा कोई और कैसे हो सकता है,

अब तो वो खुद भी अपने जैसे नही रहे....

हादसे इस दिल पे कुछ ऐसे हो गये..

हम समंदर से भी गहरे हो गये..!!

कुछ और नही पल भर के लिए हवा ही बना दे, 

कसम से सिर्फ तुम्हे ‘;छु’; कर लौट आएंगे..!

कोशिश इतनी है कोई रूठे ना हम से__,

नजर अंदाज करने वालो से नजर हम भी नही मिलाते ___,

एक ख्याल ही तो हूँ मैं...याद रह जाऊँ...तो याद रखना...!
वरना सौ बहाने मिलेंगे...भूल जाना मुझे...!!!

क्या बेचकर हम खरीदे "फुर्सत ऐ "जिंदगी 

सब कुछ तो "गिरवी"पड़ा है जिम्मेदारी के बाजार में

आदत बदल दू कैसे तेरे इंतेज़ार की,....
ये बात अब नही है मेरे इकतियार की,....
देखा भी नही तुझ को फिर भी याद करते है,....
बस ऐसी ही खुश्बू है दिल मे तेरे प्यार की..

तेरे इश्क का सजदा किया है मैंने...

तेरी सूरत से नजरे हटाऊँ कैसे..

याददाश्त का कमज़ोर होना... 
बुरी बात नहीं है जनाब.... 
बड़े बेचैन रहते है वो लोग... 
जिन्हे हर बात याद रहती है.

जिंदगी जला दी हमने, जब जलानी थी जैसी.... 

धुएं पर अब तमाशा क्या, राख पर बहस कैसी !!

हिचकियां मेरी गवाह हैं

नींद उसकी भी तबाह है

उलझने मैंने कई, झुककर भी सुलझाई हैं..
लोग सारे तो नहीं क़द के बराबर होते..!!

फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर…

मैं तेरी उलझनों का मुकम्मल जवाब हूँ......

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