कमियाँ तो मुझमें भी बहुत है, पर मैं बेईमान नहीं।
मैं सबको अपना बनाता हूँ, सोचता फायदा या नुकसान नहीं।
हमें तीरंदाज़ कहने का क्या फायदा, जब मेरे पास कमान नहीं।
एक शौक है ख़ामोशी से जीने का, कोई और मुझमें गुमान नहीं।
छोड़ दूँ बुरे वक़्त में दोस्तों का साथ, वैसा तो मैं इंसान नहीं।





जिंदगी का बिखर जाना अब आम बात है
किसी मोड़ पर मर जाना अब आम बात है
खुशियों की खोज में लोग निकलते हैं शहर में
वहां से मातम लेकर आना अब आम बात है
तेरी दुनिया में ऐ खुदा अब छोटी सी बात पर
खत लिखके जहर खाना अब आम बात है
प्यार के परिंदे जो कहीं उड़ते हुए दिख जाएं
उनका कत्ल कर जाना अब आम बात है





प्यार है की नहीं पता नहीं 
पर हर रात उसे याद कर
के सोना अच्छा लगता है।





"उनकी तासीर बेहद कड़वी होती है,,,
 जिनकी गुफ्तगु ,शक्कर जैसी होती है"





खोलती हूँ जब भी वक़्त की अलमारी ...
तेरी याद सबसे पहले बाहर निकलती है !!





इंतज़ार तो बहुत था हमें;
लेकिन आये न वो कभी;
हम तो बिन बुलाये भी आ जाते;
अगर होता उन्हें भी इंतज़ार कभी।





सो जाओ दोस्तों...
यु रात भर जागने से...
मुहाबत लोट क्र नही आती !





वो बार बार मुझसे पूछते है,,, 
आखिर क्या है मोहब्बत...?
.. 
"अब क्या बताऊ उसे की,
उस का पूछना....!
और मेरा ना बता पाना,
यही तो मोहब्बत हैै....!!





"कभी बेपनाह बरसी, तो कभी गुम सी हैं...

ये बारिशें भी कुछ कुछ तुम सी हैं"..!!





तेरी रूह में सन्नाटा है और मेरी आवाज़ में चुप्पी.......! 
तू अपने अंदाज़ में चुप मैं अपने अंदाज़ में चुप.........





पथरों का जंगल है ये ........कुछ पत्थर रास्तो में है कुछ लोगों में दिल की जगह लिए हुए है





यूँ तो ए ज़िन्दगी तेरे सफर से शिकायते बहुत थी .....

मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारे बहुत थी .....





नारी त्याग की मूरत है, तो,
पुरुष संघर्ष की सुरत है,

कैसे कहूँ, महान किसी को
दोनों को एक दूसरे की जरूरत है...





मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला ……
हम खोजते रहे मगर ठिकाना न मिला …………..
लो आज फिर चली गई जिंदगी नजरो के सामने से ……
और उसे कोई रुकने का बहाना न मिला ……………………….





अगर कुछ सीखना ही है,
तो आँखों को पढ़ना सीख लो,
​वरना ​लफ़्ज़ों के मतलब तो,
​हजारों निकाल लेते है।





किसी को बताना न की भुला दिया तुमने !
हम तो लोगों से यही कहते हैं की तुम मसरूफ बहुत हो !!





फैला हुआ है आज अजब धूप छाँव सा मौसम.... 

गुज़र रहा है कोई दिल से बादलों की तरह.





" या तो हमें मुकम्मल चालाकियाँ सिखाई जाए,
नहीं तो मासूमों की अलग बस्तियाँ बसाई जाए " !!




♥ Love Images ♥

Prev 1   2   3   4   5   6   7   8   9   Next