खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर...
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर...
दर्द हीरा है, दर्द मोती है,
दर्द आँखों से मत बहाया कर...
काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों में मुस्कुराया कर...
धूप मायूस लौट जाती है,
छत पे किसी बहाने आया कर...
कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर...





सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,

ज़्यादा भीगना मत.....,

अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ,

 बहुत याद आएँगे हम...





कुछ कहानियाँ अक्सर अधूरी रह जाती है
कभी पन्ने कम प़ड़ जाते है तो कभी स्याही सूख जाती है........!!!!





नया कुछ भी नहीं हमदम, वही आलम पुराना है;
तुम्हीं को भुलाने की कोशिशें, तुम्हीं को याद आना है।





खुश किस्मत‬ होते है ‪‎वो‬ जो ‪तलाश बनते‬ है ‪किसी की‬, 

वरना ‪‎पसंद‬ तो ‪‎कोई‬ भी ‪‎किसी को‬ भी ‪कर लेता‬ है...!!!





सीखना होगा मुस्कराहट का हुनर अब ज़माने में क्योंकि-
 बड़ी मुश्किलें आती है उदासी का कारण समझाने में..!!





खुद को कभी माफ नहीं कर पाओगे
   जिस दिन जिन्दगी में हमारी कमी महसूश करोगे..!





"रिश्तों को सम्भालते सम्भालते
थकान सी होने लगी है ...

रोज़ कोई ना कोई 
नाराज हो जाता है..





ए  उम्र, माना  कि  तू  बडी हस्ती   है।
जब चाहे मेरा बचपन छीन सकती है। 
पर गुरूर  मत  कर अपनी हस्ती  पर।
मुझे  भी  नाज  है अपनी  मस्ती  पर।
गर  है  दम  तो इतनी सी कर खता।
बचपन   तो  छीन  लिया............ ! 
बचपना  छीन  कर  बता .............।





किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गए हम,
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम,

किसी ने विश्वास तोडा तो किसी ने दिल,
और लोगो को लगा की बदल गए हम…!





इश्क़ होना जरुरी है ....
शायरी के लिए...
अगर कलम ही लिखती तो..
हर दुकानदार शायर होता..!!





दर्द की महफ़िल में एक शेयर हम भी अर्ज़ किया करते हैं;
न किसी से मरहम न, दुआओं कि उम्मीद किया करते हैं;
कई चेहरे लेकर लोग यहाँ जिया करते हैं;
हम इन आँसुओं को एक चेहरे के लिए पिया करते हैं|





दिलों में रहता हूँ धड़कने थमा देता हूँ,
मैं इश्क़ हूँ, वजूद की धज्जियां उड़ा देता हूँ...





आपको मुफ़्त में जो मिल गये हम,
आप क़दर ना करें ये आपका हक़ बनता है….....





असर जब हमारी यादों का होगा तुमपर...
...तो बिन बात चुप चाप तुम भी मुस्कुराया करोगे..!!





धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है..





मैने दरवाजे पर लिखा ,
अन्दर आना सख्त मना है ,

मोहब्बत हंसती हुई आयी, 
और बडे प्यार से बोली , 

माफ करना मै तो अंधी हूँ 





तलब ऐसी की सांसो मै बसा लु तुम को...अौर

किस्मत ऐसी की दीदार के भी मोहताज है हम.




♥ Love Images ♥

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