इस मिट्टी से तिलक करो यह धरती हैं बलिद

देखो मुल्क मराठों का ये,यहाँ शिवाजी डोला था 
मुग़लों की ताक़त को जिसने तलवारों पर तौला था 
हर पर्वत में आग लगी थी हर पत्थर एक शोला था 
हर हर हर महादेव की बोली बच्चा बच्चा बोला था 
यहाँ रखी थी शिवाजी ने लाज हमारी शान की 
इस मिट्टी से तिलक करो यह धरती हैं बलिदान की